Uttarakhand के Kotdwar में 26 जनवरी को एक छोटी-सी दुकान का मामला अचानक चर्चा में आ गया। दुकान के नाम को लेकर बजरंग दल के विरोध से इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मामला किसी बड़ी रैली या राजनीति से नहीं, बल्कि एक छोटी-सी दुकान के नाम से शुरू हुआ। इसी बीच Kotdwar के रहने वाले दीपक कुमार मौके पर पहुंचे और बुज़ुर्ग दुकानदार के समर्थन में खड़े हो गए। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को दखल देना पड़ा और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पूरे मामले की शुरुआत बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं के विरोध से हुई।
किस दुकान को लेकर हुआ विवाद
कोटद्वार के पटेल मार्ग पर “बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर” नाम की एक दुकान है। यह दुकान एक मुस्लिम बुज़ुर्ग की है और कई सालों से उसी नाम से चल रही है।
इलाके के लोगों के अनुसार यह दुकान नई नहीं है और पहले कभी इसके नाम को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ। लोग अपने बच्चों की स्कूल ड्रेस और कपड़े यहीं से लेते रहे हैं।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने क्यों जताई आपत्ति
26 जनवरी को बजरंग दल से जुड़े कुछ कार्यकर्ता दुकान पर पहुंचे। उन्होंने दुकान के नाम में इस्तेमाल किए गए “बाबा” शब्द पर आपत्ति जताई।
उनका कहना था कि दुकानदार मुस्लिम है और दुकान के नाम में “बाबा” शब्द नहीं होना चाहिए। इसी बात को लेकर उन्होंने दुकानदार से नाम बदलने को कहा।
यहीं से विवाद शुरू हुआ और दुकान के बाहर बहस होने लगी।

बुज़ुर्ग दुकानदार पर बनाया गया दबाव
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी। बहस तेज हुई और बुज़ुर्ग दुकानदार पर दबाव बनाया जाने लगा।
दुकानदार ने बताया कि वह कई सालों से इसी नाम से दुकान चला रहे हैं और आज तक किसी ने आपत्ति नहीं जताई।
हालात ऐसे बन गए कि बुज़ुर्ग दुकानदार डर के कारण यह कहने लगे कि अगर किसी को आपत्ति है तो वे दुकान का नाम बदल देंगे।
तभी मौके पर पहुंचे एक युवक
इसी बीच वहां एक युवक पहुंचा, जिसने पूरी स्थिति को देखकर हस्तक्षेप किया। युवक ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से सवाल किया कि अगर दुकानदार मुस्लिम है, तो इसमें उसकी गलती क्या है।
युवक ने साफ कहा कि “बाबा” शब्द किसी एक धर्म का नहीं हो सकता और इसे लेकर किसी पर दबाव बनाना गलत है।
यहीं से बहस का रुख बदल गया।
नाम पूछने पर युवक ने दिया चौंकाने वाला जवाब
जब बहस और बढ़ी तो बजरंग दल के कुछ लोगों ने युवक से उसका नाम पूछा।
इस पर युवक ने कहा, “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।”
यह सुनते ही माहौल और ज्यादा गरम हो गया। हालांकि दीपक शांत रहा और लगातार दुकानदार के पक्ष में खड़ा रहा। उसने कहा कि गलत के खिलाफ बोलना जरूरी है, चाहे सामने कोई भी हो।
दुकान के बाहर बढ़ा हंगामा
दीपक और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक बहस चलती रही। धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बनी।
इसके बावजूद युवक पीछे नहीं हटा और बुज़ुर्ग दुकानदार के साथ खड़ा रहा।
वह बार-बार यही कहता रहा कि किसी को डराकर या दबाव बनाकर नाम बदलवाना सही नहीं है।
वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस
घटना का वीडियो वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया। कुछ ही समय में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई। पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने की कोशिश की।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शहर में शांति बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है और किसी को भी माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
पुलिस ने क्या कदम उठाए
सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने दीपक कुमार और कुछ अन्य लोगों को कोतवाली ले जाकर बैठाया, ताकि स्थिति और न बिगड़े।
बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने इसके बाद दीपक कुमार के जिम के बाहर भी विरोध किया।
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने बाहर से आए कार्यकर्ताओं को कोटद्वार शहर से बाहर भेजा।
युवक के समर्थन में सामने आए लोग
घटना के बाद कोटद्वार के कई स्थानीय लोग युवक के समर्थन में कोतवाली पहुंचे।
लोगों का कहना था कि युवक ने जो किया, वह सही था और उसने बुज़ुर्ग दुकानदार के साथ इंसानियत दिखाई।
लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जब शहर में कई दुकानों के नाम “बाबा” पर हैं, तो सिर्फ इसी दुकान को क्यों निशाना बनाया गया।
पूरा मामला क्या संदेश देता है

कोटद्वार की यह घटना यह दिखाती है कि छोटी-सी बात कैसे बड़ा विवाद बन सकती है।
यह मामला यह भी बताता है कि जब किसी कमजोर पर दबाव बनाया जाता है, तो एक आम इंसान की आवाज भी हालात बदल सकती है।
बुज़ुर्ग दुकानदार और युवक की यह कहानी समाज में समझ, शांति और सही-गलत की पहचान की जरूरत को सामने लाती है।
फिलहाल स्थिति क्या है Uttarakhand के Kotdwar में
फिलहाल पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और शहर में शांति बनी हुई है।
प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और कानून के अनुसार कार्रवाई की बात कह रहा है।
अब यह देखना होगा कि इस घटना से समाज क्या सीख लेता है और आगे ऐसे मामलों से कैसे निपटा जाता है।







